Thoughts 22411

आलस, लालच, क्रोध, मोह और मूर्खता जैसे गंदगी की सफाई करते हुए ही सत्य की तरफ बढ़ना चाहिए। Garbage like laziness, greed, anger, enchantment, and stupidity should be cleaned in the journey toward truth.

Thoughts 22412

सीखते रहना आवश्यक है इसलिए सत्य के तरफ बढ़ते हुए एक लीडर की तरह सीखे, एक लीडर की तरह जिए, और एक लीडर की तरह ही सत्य को स्वीकार करें। Learning is important, thus, while moving toward the truth, learn like a leader, live like a leader and accept the truth like a leader.

Thoughts 22413

सत्य के तरफ बढ़ते हुए कोई बात कहने से पहले यह विचार जरूर करना चाहिए की अगर हमारी कही हुए सारी बाते सच हो गई तो उसका हम पर क्या असर होगा। In the journey toward truth, before saying anything we must think about the consequences we have to face if every word spoken by … Continue reading Thoughts 22413

Thoughts 22415

सत्य के तरफ बढ़ते हुए जब समय के साथ सामंजस्य स्थापित हो जाता है तब सफर सुहाना हो जाता है क्युकी समय अपने गति से निरंतर आगे बढ़ता रहता है।   While moving toward truth when we get synchronize with time then the journey become pleasurable because time continuously moves forward with his own speed.

Thoughts 22416

अनिश्चित लक्ष्य नर्क मिलने का कारण है, असत्य पर आधारित निश्चित लक्ष्य स्वर्ग प्राप्त करने में मदद करता है, और सत्य पर आधारित निश्चित लक्ष्य मोक्ष (अपने अध्यात्मिक ताकत के श्रोत को) दिलाता है। Uncertain goal is the reason for getting hell, a certain goal based on illusion is helpful to achieve heaven, and a … Continue reading Thoughts 22416

Thoughts 22418

सत्य के बीज को बो दिया गया है और उसे खाद-पानी भी दिया जा रहा है, लेकिन सत्य के पौधे को अभी दिखने मे वक्त है। Seed of truth has been shown and nurturing is also going on, but there is still time before the plant of truth become visible.

Thoughts 22420

सत्य ही हमारा लक्ष्य है, परंतु उसे प्राप्त करने में अभी वक्त है, इसलिए धैर्य धरो महारथी, धैर्य धरो। Truth is our goal, but there is still time to achieve it, that’s why have patience Maharathi, have patience.

Thoughts 22421

मेरे लिये मृत्यु और सत्य पर्यायवाची है। मृत्यु के विषय मे सुनते ही मनुष्य के होस उड़ जाते है इस कारण मृत्यु को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने के लिये मै नर्क, स्वर्ग, और मोक्ष जैसे शब्दों का प्रयोग करूंगा। नर्क मूर्खता, पागलपन और अंधकार का साम्राज्य है, स्वर्ग वह स्थान है जहा सुख, सुविधा … Continue reading Thoughts 22421