Mantra 22171

उसके पास से आने के बाद उस तक जाने के लिये, साँस लेते समय सचिन सोचे और साँस छोड़ते समय सिंह, और उसके धाम (देश) का ध्यान करें। धन्यवाद श्री कृष्ण, धन्यवाद श्री अर्जुन।   After coming from him to reach him again, think Sachin while breathing in and Singh while breathing out and meditate on … Continue reading Mantra 22171

Mantra 22173

उसने स्वर्ग, धरती, और नर्क का निर्माण करके उनका कुशलतापूर्वक संचालन किया हैं। धन्यवाद श्री कृष्ण, धन्यवाद श्री अर्जुन।   He constructed heaven, earth and hell and manage them effectively. Thank you, Sri Krishna, Thank you, Sri Arjun.

Mantra 22174

उसके धाम में 150 देवता और दैत्यों के रहने, खाने, पहनने और धर्म करने की पूरी व्यवस्था हैं और वह महाप्रलय की तरह सबको एक समान दृष्टि से देखता हैं। उस अजन्मे और अविनाशी महाप्रलय से मनुष्यों को छमा मांगते हुए अपने-अपने धर्म का पालन करना चाहिए। धन्यवाद श्री कृष्ण, धन्यवाद श्री अर्जुन।   There are … Continue reading Mantra 22174

Mantra 22175

उसके विशाल, समृद्ध, और आकर्षक धाम का कुशलतापूर्वक संचालन करने के लिये वो भगवान और शैतान दोनों से ही बराबर प्रेम करता हैं। धन्यवाद श्री कृष्ण, धन्यवाद श्री अर्जुन।He loves both, God and Satan, equally to effectively manage his large, prosperous, and attractive adobe. Thank you, Sri Krishna, Thank you, Sri Arjun.

Mantra 22181

वो सबसे बुरे से भी बुरा हैं और सबसे अच्छे से भी अच्छा हैं, हर कोई उसकी तरह बनना चाहता हैं लेकिन वो किसी की समझ में नहीं आता। धन्यवाद श्री कृष्ण, धन्यवाद श्री अर्जुन।   He is better than the best and worse than the worst, everyone wants to be like him but no one … Continue reading Mantra 22181

Mantra 22182

उसके धाम में रहना हैं तो भगवान के साथ-साथ सैतान से भी प्रेम करना होगा, राम के साथ-साथ रावण से भी प्रेम करना होगा। धन्यवाद श्री कृष्ण, धन्यवाद श्री अर्जुन।   To be in his adobe one has to love God as well as Devil, Ram as well as Ravan. Thank you, Sri Krishna, Thank you, … Continue reading Mantra 22182

Mantra 22183

वो, उसका ज्ञान, और उसका धाम सृजन और विनाश के परे हैं।  धन्यवाद श्री कृष्ण, धन्यवाद श्री अर्जुन।   He, his knowledge and his adobe is beyond creation and distruction. Thank you, Sri Krishna, Thank you, Sri Arjun.

Mantra 22184

सुबह यज्ञ, दिनभर तप, और रात में सत्संग। धन्यवाद श्री कृष्ण, धन्यवाद श्री अर्जुन। Yagna in morning, penance all day, and spiritual discourses at night. Thank you, Sri Krishna, Thank you, Sri Arjun.

Mantra 22186

ॐ जप करते हुए 3 महीने होने पर उसके, उसके ज्ञान, और उसके धाम विषय में और अधिक जानने का इच्छा उत्पन्न होगा।  धन्यवाद श्री कृष्ण, धन्यवाद श्री अर्जुन।   After 3 months of chanting ॐ, curiosity to know about him, his knowledge, and his adobe will increase. Thank you, Sri Krishna, Thank you, Sri Arjun.

Mantra 22189

उसके धाम में उचे-उचे पहाड़ हैं, स्वछ बहती हुई नदियां हैं, घने जंगल हैं , सुंदर सुंदर घर हैं, बड़े-बड़े कारखाने हैं, लह-लहते खेत हैं, बेहतरीन विश्वविद्यालय  हैं, अनाजों और रत्नों से भरे गोदाम हैं, और युद्ध के लिये हमेशा तैयार रहने वाले महारथियों की सेना हैं। उसकी प्रसंता के लिये, कृष्ण-अर्जुन का जप कर, … Continue reading Mantra 22189