Mantra 22032

जब देशवासियों के कारण मेरे देश का ऐश्वर्य बढ़ेगा तब मेरे बच्चों को बेहतर शिक्षा, रोजगार, और समाज प्राप्त होगा।  धन्यवाद श्री कृष्ण, धन्यवाद श्री अर्जुन।

Mantra 22035

जहाँ स्वच्छता हैं वही स्वर्ग हैं और वही उसका वाश हैं। मेरे देश के घरों, दुकानों और विश्वविद्यालयों में स्वच्छता का पूरा ख्याल रख कर ही हम समृद्धि के पहले पायदान पर चढ़ सकते हैं। शरीर के ऐश्वर्य के लिये भोजन जितना जरूरी है उतना ही जरूरी स्वच्छता मेरे देश के ऐश्वर्य के लिये हैं। … Continue reading Mantra 22035

Mantra 22036

साम-दाम-दण्ड-भेद। देश के नेतृत्व को इन सारे कलाओ में निपूड होना चाहिए। धन्यवाद श्री कृष्ण, धन्यवाद श्री अर्जुन।

Mantra 22037

नई प्रौद्योगिकी अपनाने के साथ साथ नई प्रौद्योगिकी का आविष्कार कर कर ही मेरे देश के ऐश्वर्य को बढ़ाया जा सकता हैं। धन्यवाद श्री कृष्ण, धन्यवाद श्री अर्जुन।

Mantra 22038

मेरे देश के ऐश्वर्य को बढ़ाने के लिये देश में चल रहे पूजा-पाठ में लाखों का खर्चा होना स्वाभाविक हैं। धन्यवाद श्री कृष्ण, धन्यवाद श्री अर्जुन।

Mantra 22039

जलन, गुस्सा, और आलस, जैसे धब्बे मेरे देश के ऐश्वर्य पर ग्रहण जैसे लगे हुए हैं। इनके प्रभाव को कम करने के लिये मेरे देश में पुस्तकालयों, ऑफिसों, और कारखानों की शृंखला का निर्माण, संचालन, और रखरखाव आवश्यक है। इस कार्य को पूरा करने के लिये पढे-लिखे देशवासियों की अनुशासित फौज और करोड़ों रुपये की … Continue reading Mantra 22039

Mantra 22040

मेरे देश के कोश का एक बड़ा हिस्सा शिक्षा, स्वास्थ्य, फैशन, और यातायात पर व्यय हो जाता है, जो की जरूरी भी हैं। देश के कोश को भरते रहना देशवासियों का कर्तव्य हैं जिससे देश की सरकार और देश का नेतृत्व देश का ऐश्वर्य बढ़ाने वाले गतिविधियों को अंजाम दे सके। धन्यवाद श्री कृष्ण, धन्यवाद … Continue reading Mantra 22040

Mantra 22041

मजदूरों का जीवन स्तर बेहतर कर के ही मेरे देश का ऐश्वर्य बढ़ सकता हैं। इस काम में करोड़ों रुपये का लेन-देन होने की संभावना हैं। धन्यवाद श्री कृष्ण, धन्यवाद श्री अर्जुन।

Mantra 22042

मेरे देश में व्यापार जितना बढ़ेगा उतना ही आसानी होगा देश की सरकार और देश के नेतृत्व को देश का ऐश्वर्य बढ़ाने वाले गतिविधियों को अंजाम देने में। धन्यवाद श्री कृष्ण, धन्यवाद श्री अर्जुन।

Mantra 22043

कल्पना को यथार्थ में बदलना ही असली पुरुषार्थ हैं। धन्यवाद श्री कृष्ण, धन्यवाद श्री अर्जुन। Converting imagination into reality is real effort. Thank you sri Krishna, thank you sri Arjun.